है वो शक्ति, है वो भक्ति,
है वो अंतरिक्ष, असिमित,
है वो दुर्गा, है वो काली,
है वो प्यारी, सबकी दुलारी!
है वो लक्ष्मी, है वो सरस्वती,
है वो आराध्या, है वो स्वस्ति,
है वो अद्भुत, है वो अनन्य,
है वो अतुल्य, है वो पूजनीय!
है वो अस्त्र, है वो शस्त्र,
है वो शुद्ध, है वो पवित्र,
है वो रिद्धि, है वो सिद्धि,
है वो वैभव, है वो वृद्धि!
है वो अपना, है वो संभावना,
है वो सुकन्या, है वो सुधन्या,
है वो प्रकृति, है वो अभिव्यक्ति,
है वो सागर, है वो संस्कृति!
है वो आसमां, है वो ज़मीन,
है वो मान, है वो अभिमान,
है वो प्रज्ञा, है वो ज्ञान,
है वो सम्मान, है वो शान!
है वो सृष्टि, है वो श्रद्धा,
है वो स्नेह, है वो ममता,
है वो संपूर्णा, है वो अन्नपूर्णा,
है वो परिपूर्ण, है वो अपर्णा!
है वो शांति, है वो मैत्री,
है वो यश, है वो कीर्ति,
है वो शुभ, है वो लाभ,
है वो अटूट, है वो अमाप!
है वो सौभाग्य, है वो स्निग्ध,
है वो "श्री", है वो सिद्ध,
है वो कोमल, है वो निर्मल,
है वो करुणा और वही है बल!
है वो दुनिया, वही है ज़िन्दगी,
है वो रमणी, वही है गृहिणी,
है वो धरती और वही है अंबर,
है वो निर्झर और वही है निरंतर!
है वो सास्वत, है वो अविरत,
है वो अमृत, है वो औरत,
है वो दिगंत, है वो अनंत,
है वो आरम्भ और वही है अंत!
है वो शिवानी, है वो भवानी,
महिषामर्द्दिनी, दुर्गतिनाशिनी,
है वो सिंहवाहिनी, कात्यायनी,
है वो विजयनी, अभयादाइनी,
है वो अंबे, शांतिप्रदायिनी,
है वो शक्तिस्वरूपिणी मां....
है वो शक्तिस्वरूपिणी मां....
Jasmine Panda
Odisha
Nicely written
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